International Journal For Multidisciplinary Research

E-ISSN: 2582-2160     Impact Factor: 9.24

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वैश्वीकरण के दौर में भारतीय पारिवारिक संरचना का रूपांतरण: एक समाजशास्त्रीय अध्ययन

Author(s) Ms. SUPRIYA DUBEY
Country India
Abstract शोध-सार
प्रस्तुत शोध पत्र वैश्वीकरण के दौर में भारतीय पारिवारिक संरचना में हो रहे परिवर्तनों का समाजशास्त्रीय दृष्टि से विश्लेषण करता है।इस अध्ययन का मुख्य उद्देश्य यह है कि आर्थिक उदारीकरण, तकनीकी प्रगति, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और सामाजिक गतिशीलता जैसे वैश्वीकरण के विभिन्न आयामों ने भारतीय परिवार की पारंपरिक संरचना, भूमिकाओं और संबंधों को किस प्रकार प्रभावित किया है। शोध में पारंपरिक संयुक्त परिवार प्रणाली से एकल परिवार की ओर बढ़ते रुझान, पारिवारिक संबंधों की बदलती प्रकृति, महिलाओं की भूमिका में आए परिवर्तन, विवाह संस्था में बदलाव तथा पीढ़ीगत अंतर जैसे प्रमुख पहलुओं का विश्लेषण किया गया है।
इस अध्ययन में संरचनात्मक-कार्यात्मक, संघर्ष, नारीवादी और उत्तर-आधुनिक दृष्टिकोणों के माध्यम से यह स्पष्ट करने का प्रयास किया गया है कि किस तरह वैश्वीकरण परिवार को एक स्थिर संस्था से एक लचीली और परिवर्तनीय संरचना में रूपांतरित कर रहा है। जहाँ एक तरफ यह प्रक्रिया व्यक्तिगत स्वतंत्रता, लैंगिक समानता और आर्थिक अवसरों को बढ़ावा देती है, वहीं दूसरी तरफ यह पारिवारिक विघटन, भावनात्मक दूरी, उपभोक्तावाद और सामाजिक असंतुलन जैसी चुनौतियाँ को भी उत्पन्न करती नज़र आने लगी हैं!
अध्ययन यह देखने का प्रयास करेगा कि किस तरह भारतीय परिवार पूर्णतः समाप्त नहीं हुआ है, बल्कि उसने अपनी बदलती परिस्थितियों के अनुरूप स्वयं को पुनर्गठित किया है। और वर्तमान समय में भारतीय परिवार परंपरा और आधुनिकता के बीच संतुलन स्थापित करने का प्रयास कर रहा है। अतः आवश्यक है कि सामाजिक नीतियों और सांस्कृतिक मूल्यों के माध्यम से इस संतुलन को बनाए रखा जाए, जिससेपरिवार अपनी सामाजिक, सांस्कृतिक और भावनात्मक भूमिका को प्रभावी ढंग से निभा सके।
Keywords वैश्वीकरण, भारतीय परिवार, पारिवारिक संरचना, संयुक्त परिवार, एकल परिवार, सामाजिक परिवर्तन, आर्थिक उदारीकरण, सांस्कृतिक आदान-प्रदान, सामाजिक गतिशीलता, लैंगिक समानता, महिला सशक्तिकरण, विवाह संस्था, पीढ़ीगत अंतर, उपभोक्तावाद, व्यक्तिवाद, पारिवारिक संबंध, भावनात्मक दूरी आदि ये सभी शब्द इस अध्य
Field Sociology
Published In Volume 8, Issue 3, May-June 2026
Published On 2026-05-13

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