International Journal For Multidisciplinary Research

E-ISSN: 2582-2160     Impact Factor: 9.24

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पंचायती राज व्यवस्था में महिलाओं की स्थिति का समाजशास्त्रीय अध्ययन

Author(s) सविता कुमारी, ममता रानी
Country India
Abstract भारत में पंचायती राज व्यवस्था लोकतांत्रिक विकेन्द्रीकरण का एक महत्वपूर्ण माध्यम है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण स्तर पर जनभागीदारी को सुनिश्चित करना तथा स्थानीय प्रशासन को अधिक प्रभावी बनाना है। पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण की व्यवस्था ने ग्रामीण महिलाओं को राजनीतिक, सामाजिक तथा आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। प्रस्तुत शोध पत्र में पंचायती राज व्यवस्था में महिलाओं की स्थिति का समाजशास्त्रीय अध्ययन किया गया है। अध्ययन का मुख्य उद्देश्य यह समझना है कि पंचायतों में महिलाओं की भागीदारी ने उनके सामाजिक स्तर, निर्णय लेने की क्षमता, नेतृत्व विकास तथा ग्रामीण समाज में उनकी पहचान को किस प्रकार प्रभावित किया है। शोध में महिलाओं की राजनीतिक सहभागिता, सामाजिक बाधाएँ, पारिवारिक समर्थन, शिक्षा, आर्थिक स्थिति तथा प्रशासनिक चुनौतियों का विश्लेषण किया गया है। अध्ययन से यह स्पष्ट होता है कि पंचायती राज व्यवस्था ने महिलाओं को नई पहचान प्रदान की है, परन्तु आज भी पितृसत्तात्मक सोच, अशिक्षा, आर्थिक निर्भरता तथा सामाजिक रूढ़ियाँ उनके प्रभावी नेतृत्व में बाधा उत्पन्न करती हैं। शोध पत्र में महिला सशक्तिकरण को मजबूत बनाने हेतु विभिन्न सुझाव भी प्रस्तुत किए गए हैं।
Keywords पंचायती राज, महिला सशक्तिकरण, ग्रामीण समाज, राजनीतिक सहभागिता, सामाजिक परिवर्तन, महिला नेतृत्व
Published In Volume 6, Issue 6, November-December 2024
Published On 2024-12-12

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