International Journal For Multidisciplinary Research

E-ISSN: 2582-2160   •   Impact Factor: 9.24

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प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा का वर्तमान शिक्षा में आवश्यकता एवं योगदान : एक वैचारिक अध्ययन

Author(s) Dr. Radhe Shyam Mishra
Country India
Abstract प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा विश्व की प्राचीनतम एवं समृद्ध ज्ञान प्रणालियों में से एक है, जिसने मानव जीवन के बौद्धिक, नैतिक, आध्यात्मिक एवं सामाजिक विकास को समग्र दृष्टि प्रदान की। वेद, उपनिषद, बौद्ध एवं जैन दर्शन, आयुर्वेद, योग, ज्योतिष, गणित तथा गुरु-शिष्य परंपरा भारतीय ज्ञान परंपरा के प्रमुख आधार रहे हैं। वर्तमान शिक्षा व्यवस्था में तकनीकी उन्नति के बावजूद नैतिक मूल्यों का ह्रास, मानसिक तनाव, सांस्कृतिक विघटन तथा मानवीय संवेदनाओं में कमी जैसी समस्याएँ स्पष्ट रूप से दिखाई देती हैं। ऐसे परिवेश में भारतीय ज्ञान परंपरा आधुनिक शिक्षा को संतुलित, मूल्यपरक एवं जीवनोपयोगी दिशा प्रदान कर सकती है।
प्रस्तुत शोध-पत्र में वर्तमान शिक्षा में प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा की आवश्यकता एवं उसके योगदान का वैचारिक विश्लेषण किया गया है। अध्ययन से स्पष्ट होता है कि भारतीय ज्ञान परंपरा केवल सूचना या ज्ञानार्जन तक सीमित नहीं थी, बल्कि इसका उद्देश्य मानव व्यक्तित्व का समग्र विकास, सामाजिक उत्तरदायित्व, नैतिक चेतना एवं आत्मानुभूति का विकास करना था। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में भी भारतीय ज्ञान प्रणाली, मातृभाषा आधारित शिक्षा, योग, नैतिक मूल्यों एवं सांस्कृतिक चेतना को विशेष महत्व प्रदान किया गया है। अतः आधुनिक शिक्षा में भारतीय ज्ञान परंपरा का समावेश समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है।
Keywords भारतीय ज्ञान परंपरा, वर्तमान शिक्षा, गुरुकुल व्यवस्था, योग, नैतिक शिक्षा, भारतीय संस्कृति, नई शिक्षा नीति 2020
Field Sociology > Education
Published In Volume 8, Issue 4, July-August 2026
Published On 2026-07-05

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