International Journal For Multidisciplinary Research

E-ISSN: 2582-2160     Impact Factor: 9.24

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भारतीय ज्ञान-परम्परा में गुरु शिष्य सम्बन्ध: एक दार्शनिक, ऐतिहासिक एवं शैक्षणिक विश्लेषण

Author(s) Dr. Nalini Tilkar
Country India
Abstract भारतीय ज्ञान-परम्परा विश्व की प्राचीनतम, सुव्यवस्थित और जीवंत वैचारिक प्रणालियों में से एक है। इस परम्परा का मेरुदण्ड 'गुरु-शिष्य सम्बन्ध' है, जो केवल सूचनाओं के आदान-प्रदान का माध्यम नहीं, अपितु आत्मबोध, चरित्र-निर्माण और आन्तरिक रूपांतरण की एक पवित्र प्रक्रिया है। प्रस्तुत शोध-पत्र में वेदों, उपनिषदों, स्मृतियों, पुराणों तथा शास्त्रीय ग्रंथों के गंभीर परिप्रेक्ष्य में गुरु-शिष्य सम्बन्ध के दार्शनिक स्वरूप, ऐतिहासिक विकास, शैक्षणिक आयामों तथा समकालीन शिक्षा जगत में इसकी प्रासंगिकता का विस्तृत विश्लेषण किया गया है। शोध के निष्कर्ष यह दर्शाते हैं कि आधुनिक तकनीकी युग में मानवीय मूल्यों और मानसिक शांति की पुनर्स्थापना के लिए प्राचीन गुरु-शिष्य परम्परा के मूल सिद्धांतों को आत्मसात करना नितांत आवश्यक है।
Keywords भारतीय ज्ञान-परम्परा, गुरु-शिष्य सम्बन्ध, गुरुकुल पद्धति, अध्यात्म, दर्शन, चरित्र-निर्माण, ब्रह्मविद्या।
Published In Volume 8, Issue 4, July-August 2026
Published On 2026-08-10

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