International Journal For Multidisciplinary Research

E-ISSN: 2582-2160   •   Impact Factor: 9.24

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भारतीय विदेश नीति : समसामयिक परिप्रेक्ष्य में

Author(s) डॉ. दयाचन्द
Country India
Abstract समसामयिक परिप्रेक्ष्य में भारतीय विदेश नीति वैचारिक प्रतिबद्धताओं से आगे बढ़कर पूरी तरह 'राष्ट्रीय हित', व्यावहारिकता और 'बहु-संरेखण' (Multi-alignment) पर आधारित हो गई है। [1]
प्रमुख विशेषताएं एवं रणनीतियाँ
• सामरिक स्वायत्तता: भारत किसी एक गुट या महाशक्ति पर निर्भर रहने के बजाय अपनी स्वतंत्र निर्णय लेने की क्षमता को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है। [1]
• बहु-संरेखण (Multi-alignment): आज भारत रूस के साथ पारंपरिक मित्रता बनाए रखते हुए अमेरिका, क्वाड (Quad), इजराइल और यूरोपीय संघ जैसे पश्चिमी देशों के साथ भी घनिष्ठ रणनीतिक और रक्षा संबंध रख रहा है। [1, 2]
• आर्थिक और तकनीकी कूटनीति: विदेश नीति का मुख्य उद्देश्य देश के भीतर आर्थिक विकास को गति देना, ऊर्जा सुरक्षा, और महत्वपूर्ण तकनीकों (Critical Technologies) तक पहुंच बनाना है। [1, 2, 3]
• पड़ोसी पहले (Neighborhood First): क्षेत्रीय सुरक्षा और सहयोग को मजबूत करने के लिए दक्षिण एशिया के पड़ोसी देशों के साथ संबंधों को विशेष महत्व दिया जा रहा है। [1]
• सॉफ्ट पावर और वैश्विक नेतृत्व: योग, वसुधैव कुटुंबकम की भावना और अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर ग्लोबल साउथ (Global South) की आवाज बनकर भारत वैश्विक सुशासन में अपनी भूमिका बढ़ा रहा है।
Published In Volume 8, Issue 3, May-June 2026
Published On 2026-05-08
DOI https://doi.org/10.36948/ijfmr.2026.v08i03.86684

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