International Journal For Multidisciplinary Research

E-ISSN: 2582-2160     Impact Factor: 9.24

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आधुनिक युग में महिलाओं की खेलों में भागीदारी: सामाजिक परिवर्तन, अवसर, चुनौतियाँ एवं भविष्य की संभावनाएँ

Author(s) Mr. Satish Kumar
Country India
Abstract खेल केवल शारीरिक क्षमता के प्रदर्शन का माध्यम नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति के आत्मविश्वास, सामाजिक पहचान, नेतृत्व क्षमता, स्वास्थ्य तथा समान अवसरों के विकास का महत्वपूर्ण साधन भी है । आधुनिक समय में महिलाओं की खेलों में भागीदारी ने पारंपरिक लैंगिक भूमिकाओं को चुनौती देते हुए एक महत्वपूर्ण सामाजिक परिवर्तन का रूप लिया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महिला खिलाड़ियों की संख्या, खेलों की विविधता तथा महिला-केंद्रित प्रतियोगिताओं में उल्लेखनीय विस्तार हुआ है । पेरिस 2024 ओलंपिक में महिला और पुरुष खिलाड़ियों के लिए समान quota allocation इस परिवर्तन का एक महत्वपूर्ण प्रतीक रहा ।
भारत में भी महिला खिलाड़ियों ने एथलेटिक्स, कुश्ती, मुक्केबाजी, बैडमिंटन, भारोत्तोलन, शूटिंग, क्रिकेट, हॉकी तथा अन्य खेलों में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाई है। सरकारी योजनाओं, खेल छात्रवृत्तियों, Khelo India, महिला खेल लीगों और प्रतिभा पहचान कार्यक्रमों ने इस प्रक्रिया को गति दी है। Ministry of Youth Affairs and Sports की 2023-24 वार्षिक रिपोर्ट में Khelo India के अंतर्गत महिलाओं के लिए विशेष खेल पहल, महिला लीग तथा ASMITA कार्यक्रम का उल्लेख मिलता है ।
इसके बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों की लड़कियों के सामने सामाजिक स्वीकृति, आर्थिक संसाधनों, खेल सुविधाओं, सुरक्षित आवागमन, प्रशिक्षित महिला कोचों, पोषण, किशोरावस्था तथा शिक्षा और खेल के बीच संतुलन जैसी अनेक समस्याएँ बनी हुई हैं। प्रस्तुत शोध में महिलाओं की खेल भागीदारी को केवल पदक और उपलब्धियों के आधार पर न देखकर सामाजिक, शैक्षिक, आर्थिक और मनोवैज्ञानिक दृष्टि से समझने का प्रयास किया गया है। विशेष रूप से ग्रामीण हरियाणा और विद्यालयी स्तर को केंद्र में रखते हुए यह अध्ययन इस बात पर बल देता है कि खेल प्रतिभा के विकास की वास्तविक शुरुआत विद्यालय और समुदाय से होती है।
Keywords मुख्य शब्द: महिला खेल भागीदारी, लैंगिक समानता, ग्रामीण भारत, हरियाणा, शारीरिक शिक्षा, Khelo India, महिला सशक्तिकरण, विद्यालयी खेल।
Published In Volume 8, Issue 5, September-October 2026
Published On 2026-09-12
DOI https://doi.org/10.36948/ijfmr.2026.v08i05.87536

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