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E-ISSN: 2582-2160   •   Impact Factor: 9.24

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तुलसीदास और भानुभक्त की रामायणों में सीता और कैकेयी का चरित्र-चित्रण: काव्यात्मक अभिव्यक्ति और स्त्री-दृष्टि का तुलनात्मक अध्ययन

Author(s) Ms. Vaishali Shrivastava, Ms. Shruti Singhal, Ms. Aparna Arora
Country India
Abstract रामकथा भारतीय साहित्य की अत्यंत समृद्ध और लोकप्रिय परंपराओं में से एक है। समय के साथ यह कथा अनेक भाषाओं और साहित्यिक परंपराओं में अलग-अलग रूपों में प्रस्तुत हुई है। गोस्वामी तुलसीदास की रामचरितमानस और भानुभक्त आचार्य की रामायण इसी व्यापक रामकथा परंपरा की दो महत्वपूर्ण रचनाएँ हैं। दोनों रचनाओं में रामकथा का मूल आधार समान दिखाई देता है, लेकिन दोनों कवियों की भाषा, साहित्यिक दृष्टि और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि अलग होने के कारण पात्रों की प्रस्तुति में भी कुछ अंतर दिखाई देते हैं।प्रस्तुत शोध में तुलसीदास और भानुभक्त की रामायणों में सीता और कैकेयी के चरित्र-चित्रण का तुलनात्मक अध्ययन किया गया है। सीता के चरित्र में प्रेम, निष्ठा, त्याग, धैर्य, आत्मसम्मान और कठिन परिस्थितियों का सामना करने की क्षमता जैसे पक्षों का अध्ययन किया गया है। दूसरी ओर, कैकेयी के चरित्र में मातृत्व, इच्छा, निर्णय, परिस्थितियों का प्रभाव और पश्चात्ताप जैसे पक्षों को समझने का प्रयास किया गया है। इस अध्ययन का उद्देश्य इन दोनों स्त्री पात्रों को केवल आदर्श और नकारात्मक चरित्र के रूप में देखने के बजाय उनके मानवीय और भावनात्मक पक्षों को भी समझना है।शोध में दोनों रचनाओं के प्रमुख प्रसंगों, संवादों, भावों और पात्रों के व्यवहार का अध्ययन किया गया है। साथ ही भाषा, भावात्मक वर्णन, उपमा, रूपक, बिंब तथा अन्य काव्यात्मक साधनों की भूमिका को भी समझने का प्रयास किया गया है। तुलनात्मक अध्ययन से यह स्पष्ट होता है कि दोनों कवियों ने स्त्री पात्रों को कथा के लिए महत्वपूर्ण स्थान दिया है। तुलसीदास की प्रस्तुति में धर्म, भक्ति और मर्यादा का पक्ष अधिक स्पष्ट दिखाई देता है, जबकि भानुभक्त की प्रस्तुति में सरल भाषा और पारिवारिक तथा भावनात्मक पक्ष सहज रूप में सामने आते हैं।
Keywords तुलसीदास, भानुभक्त आचार्य, रामचरितमानस, रामायण, सीता, कैकेयी, स्त्री-दृष्टि, चरित्र-चित्रण, काव्यात्मक अभिव्यक्ति, तुलनात्मक अध्ययन।
Field Sociology > Linguistic / Literature
Published In Volume 8, Issue 5, September-October 2026
Published On 2026-10-07

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