International Journal For Multidisciplinary Research

E-ISSN: 2582-2160   •   Impact Factor: 9.24

A Widely Indexed Open Access Peer Reviewed Multidisciplinary Bi-monthly Scholarly International Journal

Call for Paper Volume 8, Issue 5 (September-October 2026) Submit your research before last 3 days of October to publish your research paper in the issue of September-October.

पितृसत्तात्मक संरचना और महिला जागरूकता के सामाजिक-सांस्कृतिक अवरोध

Author(s) काली चरण, डॉ. आलोक कुमार मीना
Country India
Abstract भारतीय समाज में महिलाओं की जागरूकता केवल शिक्षा या सूचना की उपलब्धता का प्रश्न नहीं है; वह उस सामाजिक संरचना से गहराई से जुड़ी है जिसमें स्त्री का स्थान परिवार, विवाह, नातेदारी और संपत्ति के नियमों द्वारा पहले से तय कर दिया जाता है। यह शोध-आलेख समाजशास्त्रीय दृष्टि से यह विश्लेषण करता है कि पितृसत्तात्मक संरचना किस प्रकार महिलाओं की अधिकार-चेतना, निर्णय-क्षमता और सार्वजनिक सहभागिता के मार्ग में अवरोध खड़े करती है। आलेख का तर्क है कि जागरूकता के अवरोध तीन स्तरों पर काम करते हैं: संरचनात्मक (संपत्ति, विवाह और नातेदारी की व्यवस्था), सांस्कृतिक (आदर्श स्त्री की छवि, मर्यादा, इज़्ज़त और पवित्रता की धारणाएँ) तथा मनोवैज्ञानिक-सामाजिक (सामाजीकरण द्वारा आत्मसात की गई अधीनता)। विश्लेषण द्वितीयक स्रोतों, जनगणना एवं सर्वेक्षण-आँकड़ों तथा समाजशास्त्रीय साहित्य पर आधारित है और राजस्थान के ग्रामीण समाज को विशेष संदर्भ के रूप में लिया गया है। निष्कर्ष यह है कि महिला जागरूकता बढ़ाने के लिए केवल साक्षरता-अभियान पर्याप्त नहीं हैं; इसके लिए परिवार और समुदाय के भीतर शक्ति-संबंधों को बदलने वाली बहुस्तरीय रणनीति आवश्यक है।
Keywords पितृसत्ता, महिला जागरूकता, सामाजिक-सांस्कृतिक अवरोध, लैंगिक असमानता, सशक्तीकरण, ग्रामीण राजस्थान
Published In Volume 8, Issue 5, September-October 2026
Published On 2026-10-16

Share this